उज्जैन। गेल से नीलगंगा चौडीकरण में यंत्रियों के काम पर सवाल उठे हैं। क्षेत्रीय नागरिकों का भेदभाव का आरोप सामने आया है। इसे लेकर आयुक्त तक भी मसला पहुंचा लेकिन रहवासियों को न्याय नहीं मिल सका है। चौडीकरण के इस मार्ग पर कहीं नपती सेंटर से करने की बात कहीं जा रही है तो कहीं पर नाली से। इसके चलते भेदभाव के हाल कायम हो रहे हैं।
नगर निगम इंदौर रोड पर नानाखेडा चौराहा के पास गेल इंडिया के पीछे से नीलगंगा तक मार्ग चौडीकरण कर रहा है। इस मार्ग को 18 मीटर चौडा किया जा रहा है। मार्ग के बीच में एक मीटर का डिवाईडर रखा जाना है । इसके साथ ही एक मीटर का दोनों और फूटपाथ बनाया जाएगा। इस काम को ठेकेदार अंजाम देने वाला है। साईड क्लीयर की स्थिति में क्षेत्रीय रहवासी स्वयं अपने मकानों को तुडवा रहे हैं।
आयुक्त से मिले लेकिन न्याय नहीं मिला-
क्षेत्रीय रहवासियों के अनुसार नपती को लेकर आ रही समस्या से आयुक्त अभिलाष मिश्रा को उनके बंगले पर जाकर अवगत करवाया गया था। इस पर आयुक्त ने उनसे मिलने पहुंचे नागरिकों के नाम लिखकर सभी को आश्वस्त किया था। इसके बाद क्षेत्र में आयुक्त के आने का रहवासियों को इंतजार है। इस नपती पर आपत्ति-
क्षेत्रीय रहवासियों के अनुसार गेल से नीलगंगा के इस मार्ग में एकता नगर के मुहाने पर ही एक मकान के यहां डायवर्शन का लाभ दिया गया है जो कि सत्ता से संबंधित मसला बताया जा रहा है। इससे सामने की पटृटी के रहवासियों को अधिक समर्पण करना पड रहा है। इसी प्रकार इसके कुछ आगे आने पर यंत्रियों के आपसी भाईचारे के तहत करीब डेढ से 2 मीटर अधिक एवं गैलरी को बख्शते हुए सामने की पट्टी से जमीन ली जा रही है। इसके अलावा भी कुछ मामलों में हरि बयार चलने से चौडीकरण का लाभ संबंधित एवं अधिकारियों को मिल रहा है।
बाढ ग्रसित क्षेत्र-
खास यह है कि यह क्षेत्र गरीब बस्ती के रूप में देखा जाता रहा है और बाढ के समय इस क्षेत्र के निवासियों को माडल स्कूल के अस्थाई केंप में सालों से ठहराया जाता रहा है। अधिक वर्षा के समय भी इस क्षेत्र में जल भराव की स्थिति आम रही है। ऐसे में चौडीकरण के बनाए जाने वाले मार्ग एवं नाले का सकरा होने की स्थिति ही नहीं शिप्रा के गऊघाट बेक वाटर की स्थिति इसे प्रभावित कर सकती है। एकता नगर में तो पानी भरता रहा है।